Contact
अगरतला में सम्पन्न हुई विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र की वार्षिक साधारण सभा
Home  ⇨  News   ⇨   अगरतला में सम्पन्न हुई विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र की वार्षिक साधारण सभा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति, भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कारयुक्त शिक्षा पर वक्ताओं ने दिया जोर

गुवाहाटी, 12 मई। विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र की वार्षिक साधारण सभा (2026-27) का उद्घाटन समारोह त्रिपुरेश्वरी विद्यामंदिर, गांधीग्राम, अगरतला (त्रिपुरा) में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में पूर्वोत्तर क्षेत्र के सभी प्रांतों से आए प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। स्वागत उद्बोधन देते हुए विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र के मंत्री डॉ. जगदीन्द्र रायचौधुरी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा वर्षभर में संगठन द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षिक एवं सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी।

सभा की अध्यक्षता करते हुए विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र के अध्यक्ष एवं त्रिपुरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. गंगा प्रसाद परसाईं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने पंचमुखी शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आह्वान करते हुए शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।

मुख्य अतिथि महाराजा बीर बिक्रम विश्वविद्यालय, त्रिपुरा के कुलपति डॉ. विभास देब ने कहा कि विद्या भारती पूर्वोत्तर भारत के दूरस्थ क्षेत्रों में संस्कारयुक्त एवं राष्ट्रनिष्ठ शिक्षा प्रदान कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्रीय एकता का सशक्त आधार है।

इस अवसर पर विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. शंकर राय ने विद्यालय मूल्यांकन, पूर्व छात्र संपर्क एवं संगठन विस्तार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में वर्ष 2026 का “शांतनु रघुनाथ शेंडे पुरस्कार” त्रिपुरेश्वरी विद्यामंदिर के वरिष्ठ आचार्य श्री संजीत कुमार घोष को शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु प्रदान किया गया।

“शांतनु रघुनाथ शेंडे पुरस्कार 2026" श्री संजीत कुमार घोष को प्रदान किया गया।

इसके साथ ही “विभायन”, “उत्कर्ष महोत्सव” तथा “सप्तशक्ति संगम” स्मारिका का लोकार्पण भी किया गया। अंत में विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री डॉ. पवन तिवारी ने मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए सभी प्रतिनिधियों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Annual Reports - Vidya Bharati
Scroll to Top